- योजना में संचालन, बैठने की क्षमता और जीपीएस सत्यापन के आधार पर निजी बस संचालकों को मासिक वित्तीय सहायता।
- ग्रामीणों को प्रमुख स्थानों से जोड़ने वाली नियमित ग्रामीण बस सेवाएं।
- संबंधित जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) के माध्यम से पूरे वर्ष आवेदन किया जा सकता है।
- परिवहन विभाग, झारखंड सरकार संपर्क विवरण
- परिवहन विभाग, झारखंड सरकार हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना |
| लाभ | ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता, यात्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा |
| लाभार्थी | निजी ऑपरेटर और ग्रामीण नागरिक |
| नोडल विभाग | परिवहन विभाग, झारखंड सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफ़लाइन |
योजना के बारे में
परिवहन विभाग, झारखंड सरकार, द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय और नियमित सार्वजनिक बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना लागू की गई है। राज्य में अभी भी कई गांव खराब कनेक्टिविटी वाले हैं क्योंकि ग्रामीण मार्गों पर शुद्ध व्यावसायिक बस संचालन आमतौर पर इतना राजस्व नहीं उत्पन्न करता कि निजी ऑपरेटर आकर्षित हो सकें। परिणामस्वरूप, दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को प्रखंड मुख्यालय, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाजार पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है या अनियमित और महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस अंतर को खत्म करने के लिए सरकार उपयुक्त ग्रामीण मार्गों की पहचान करती है, उन्हें आधिकारिक रूप से अधिसूचित करती है, और फिर स्थानीय व्यक्तियों तथा निजी ऑपरेटरों को नए बस खरीदने और केवल उन्हीं अधिसूचित मार्गों पर बस चलाने में सहायता करती है। ग्राम गाड़ी योजना इसलिए दोहरे उद्देश्य की पूर्ति करती है - क्योंकि यह उन गांवों में संगठित बस सेवा पहुंचाती है जहां पहले इसका अभाव था, और साथ ही स्थानीय बस मालिकों के लिए समर्थित आजीविका का अवसर भी पैदा करती है।
झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना विभागीय संकल्प दिनांक 13 अक्टूबर 2022 और 20 अक्टूबर 2023 के माध्यम से आधिकारिक रूप से शुरू की गई थी। झारखंड मंत्रिमंडल द्वारा 18 अक्टूबर 2023 को इसके क्रियान्वयन की स्वीकृति दिए जाने के बाद परिवहन विभाग ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। यह आधिकारिक एसओपी पूरी योजना का मुख्य मार्गदर्शक दस्तावेज है। इसमें वाहन विनिर्देश, ऑपरेटरों का चयन, वित्तीय सहायता, बस का रंग और अंकन, जीपीएस आवश्यकताएं, दैनिक संचालन, निर्गमन प्रक्रिया और दंड संबंधी नियम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
इस योजना के अंतर्गत सरकार ऑपरेटरों को संरचित सहायता प्रदान करती है ताकि ग्रामीण मार्गों पर बस चलाना आर्थिक रूप से व्यवहार्य बन सके। साथ ही पात्र यात्रियों - जिनमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र, दिव्यांगजन, महिलाएं और मान्यता प्राप्त झारखंड आंदोलनकारी शामिल हैं - को निःशुल्क या रियायती यात्रा की सुविधा दी जाती है। योजना की बसें निश्चित हल्के नीले रंग में पेंट की जाती हैं और विशिष्ट अंकन किए जाते हैं ताकि ग्रामीण आसानी से उन्हें पहचान सकें।
ग्राम गाड़ी योजनाा के अंतर्गत आवेदन पूरे वर्ष निरंतर, रोलिंग आधार पर संबंधित जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के कार्यालय में स्वीकार किए जाते हैं। पूरे राज्य के लिए कोई एक अंतिम तिथि नहीं है। इसके बजाय, प्रत्येक माह की 15 तारीख तक प्राप्त आवेदनों को जिले की चयन समिति की अगली बैठक में रखा जाता है। आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक उस जिले के सभी आधिकारिक रूप से अधिसूचित ग्रामीण मार्ग आवंटित नहीं हो जाते। यह लचीली और विकेंद्रीकृत व्यवस्था इच्छुक स्थानीय निवासियों को मार्ग उपलब्ध होने पर आवेदन करने की अनुमति देती है, जिससे योजना धीरे-धीरे झारखंड के विभिन्न हिस्सों में ग्रामीण बस कनेक्टिविटी का विस्तार करती है।
योजना के लाभ
झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना निजी बस ऑपरेटरों और ग्रामीण यात्रियों दोनों को विभिन्न लाभ प्रदान करती है। योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लाभ उपलब्ध हैं:
ऑपरेटरों के लिए लाभ
- ऑपरेटरों को आवंटित अधिसूचित ग्रामीण मार्ग पर बस के वास्तविक संचालन के आधार पर मासिक वित्तीय सहायता मिलती है। राशि वाहन की बैठने की क्षमता के अनुसार गणना की जाती है और जीपीएस डेटा के सत्यापन के बाद ही जारी की जाती है।
- योजना के अंतर्गत चलने वाले वाहनों को रोड टैक्स से पूर्ण छूट दी जाती है। परमिट शुल्क, आवेदन शुल्क, पंजीकरण शुल्क और फिटनेस निरीक्षण शुल्क मात्र ₹1 की नाममात्र दर पर लिया जाता है।
- योजना की बसों को सरकारी बस स्टैंड पर प्राथमिकता मिलती है तथा स्टैंड शुल्क, टोल और नगरपालिका प्रवेश शुल्क से छूट दी जाती है।
- परमिट केवल आधिकारिक रूप से अधिसूचित ग्रामीण मार्गों के लिए जारी किए जाते हैं। योजना के अंतर्गत अधिकतम मार्ग लंबाई 125 किलोमीटर है। संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर पांच वर्ष बाद परमिट नवीकरणीय है।
- वाहन नए होने चाहिए और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का अनुपालन करना चाहिए।
यात्रियों के लिए लाभ
- गांवों को सरकारी अधिसूचित ग्रामीण मार्गों पर नियमित बस सेवा मिलती है जो उन्हें प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय, स्कूल, कॉलेज, चिकित्सा संस्थान, मुख्य सड़कों और वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ती है।
- वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और मान्यता प्राप्त झारखंड आंदोलनकारियों को निःशुल्क या रियायती यात्रा की सुविधा दी जाती है।
- योजना की बसें निश्चित हल्के नीले रंग और विशिष्ट अंकन के साथ चलती हैं, जिससे ग्रामीण आसानी से उन्हें पहचान सकते हैं।
- प्रत्येक जिले में जिला परिवहन पदाधिकारी के अधीन एक शिकायत प्रकोष्ठ और योजना संबंधी शिकायतों के लिए समर्पित ई-मेल आईडी उपलब्ध है।
पात्रताएं
आवेदक को झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित बुनियादी शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र में संबंधित जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा।
- बस की बैठने की क्षमता 7 से 42 के बीच होनी चाहिए।
- बस में केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत निर्माता का जीपीएस उपकरण लगा होना चाहिए तथा इसे परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाना चाहिए।
- परिवार के केवल एक सदस्य को ही लाभ मिल सकता है, अधिकतम दो तक बस। परिवार का अर्थ पति, पत्नी और बच्चे हैं।
- यदि आवेदन कंपनी की ओर से आता है, तो विभाग केवल एक निदेशक को मंजूरी देता है, फिर भी अधिकतम दो बस तक।
- आवेदक को कम से कम तीन अधिसूचित ग्रामीण मार्ग चुनकर वरीयता क्रम में अंकित करने होंगे।
- आवेदक को जिला परिवहन पदाधिकारी के नाम पर ₹10,000 की वापसी योग्य बैंक गारंटी संलग्न करनी होगी।
- आवेदक को परमिट जारी होने की तिथि से कम से कम एक वर्ष तक बस चलाने के लिए सहमत होना होगा।
आवश्यक दस्तावेज
- योजना के निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन
- ड्राइविंग लाइसेंस
- जिला परिवहन पदाधिकारी के नाम पर ₹10,000 की वापसी योग्य बैंक गारंटी
- जाति प्रमाण पत्र (यदि एसटी/एससी/पिछड़ा वर्ग के अंक का दावा किया जा रहा हो)
- अधिसूचित मार्ग से गुजरने वाले क्षेत्र का निवास प्रमाण पत्र (स्थानीय निवासी अंक के लिए)
- मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक खाता विवरण
- चयन के बाद: वाहन पंजीकरण पत्र और परमिट आवेदन
आवेदन प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत पूरे राज्य के लिए कोई एक अंतिम तिथि नहीं है। आवेदन तब तक जारी रहते हैं जब तक जिले के सभी अधिसूचित मार्ग आवंटित नहीं हो जाते। असफल आवेदक बिना अतिरिक्त शुल्क के अन्य रिक्त मार्ग चुनकर पुनः आवेदन कर सकते हैं।
- जिला परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय में अधिसूचित ग्रामीण मार्गों और रिक्त मार्गों की सूची जांचें।
- डीटीओ कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- कम से कम तीन अधिसूचित ग्रामीण मार्ग चुनें और वरीयता क्रम में अंकित करें।
- जिला परिवहन पदाधिकारी के नाम पर ₹10,000 की वापसी योग्य बैंक गारंटी व्यवस्था करें।
- भरे हुए फॉर्म के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज और बैंक गारंटी डीटीओ कार्यालय में जमा करें।
- प्रत्येक माह की 15 तारीख (या अवकाश होने पर अगला कार्य दिवस) तक प्राप्त आवेदनों पर उस माह के बाद की समिति बैठक में विचार किया जाता है।
- चयन और स्वीकृति के बाद एक माह के भीतर बस पंजीकृत करें और परमिट के लिए आवेदन करें (विशेष परिस्थितियों में डीटीओ द्वारा एक माह और बढ़ाया जा सकता है)।
- आवंटित मार्ग पर संचालन शुरू करें, जीपीएस उपकरण सक्रिय रखें और सभी परमिट शर्तों का पालन करें।
- प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में मासिक विशेष वित्तीय सहायता का दावा करें; डीटीओ जीपीएस सत्यापन के बाद दो सप्ताह के भीतर दावे का निपटान करता है।
चयन के बाद पालन करने वाले नियम
चयनित ऑपरेटरों को निम्नलिखित मुख्य परिचालन नियमों का पालन करना होगा:
- वाहन का रंग हल्का नीला होना चाहिए। विंडस्क्रीन के ऊपरी किनारे और बॉडी के दोनों बाहरी किनारों पर 20 सेमी चौड़ी सफेद पट्टी पेंट की जाएगी। इस पट्टी पर "मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी" और मार्ग का नाम 16 सेमी ऊंचे हरे अक्षरों में लिखा जाएगा ताकि 25 मीटर से पढ़ा जा सके।
- आवंटित मार्ग पर नियमित संचालन अनिवार्य है।
- विशेष परिस्थितियों में वर्ष में अधिकतम 12 बार मार्ग परिवर्तन की अनुमति है, लेकिन आरंभ और गंतव्य स्थान नहीं बदला जा सकता।
- प्रति माह अधिकतम तीन दिन बिना संचालन की अनुमति है, बशर्ते डीटीओ को पूर्व लिखित सूचना दी गई हो।
- जीपीएस उपकरण हमेशा सक्रिय और जुड़ा रहना चाहिए, क्योंकि मासिक सहायता जीपीएस डेटा पर निर्भर करती है।
चयन मानदंड और अतिरिक्त अंक
मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाता है। कुछ श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाती है और आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार अंक दिए जाते हैं।
- चयन उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है।
- प्रत्येक माह की 15 तारीख (या अगला कार्य दिवस) तक प्राप्त आवेदनों पर समिति की बैठक में विचार किया जाता है।
- प्रथम चरण में एक अधिसूचित ग्रामीण मार्ग पर केवल एक बस के संचालन की अनुमति दी जाती है।
- यदि एक ही मार्ग के लिए एक से अधिक आवेदन आते हैं, तो अन्य आवेदकों को अगली बैठक में अन्य अधिसूचित मार्ग चुनने का विकल्प दिया जा सकता है।
- अतिरिक्त अंक निम्नानुसार दिए जाते हैं:
| श्रेणी (Category) | अंक |
|---|---|
| अनुसूचित जनजाति | 10 |
| अनुसूचित जाति | 8 |
| स्थानीय निवास | 6 |
| पिछड़ा वर्ग | 5 |
| महिला | 5 |
- स्थानीय निवासी अंक केवल उस व्यक्ति को दिए जाते हैं जो अधिसूचित ग्रामीण मार्ग से गुजरने वाले अंचल में रहता हो।
- अंक समान होने पर लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाता है।
- असफल आवेदक बिना अतिरिक्त शुल्क के अन्य अधिसूचित मार्गों के लिए पुनः आवेदन कर सकते हैं।
- जिले के सभी अधिसूचित मार्ग आवंटित हो जाने के बाद आगे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते।
- चयन के बाद आवेदक को एक माह के भीतर वाहन पंजीकृत कर परमिट के लिए आवेदन करना होगा (विशेष परिस्थितियों में एक माह और बढ़ाया जा सकता है)।
योजना से निर्गमन (Exit) और दंड
ग्राम गाड़ी योजना में न्यूनतम संचालन अवधि और ऑपरेटर द्वारा समय से पहले निर्गमन (Exit) या शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई के स्पष्ट नियम हैं।
- चयनित ऑपरेटर से परमिट की तिथि से न्यूनतम एक वर्ष तक बस चलाने की अपेक्षा की जाती है।
- यदि ऑपरेटर योजना से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे आधिकारिक एसओपी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और निर्धारित समय के भीतर सरकारी कोष में आवश्यक राशि जमा करनी होगी।
- योजना की शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में जिला परिवहन पदाधिकारी कारण बताओ नोटिस जारी करता है।
- दंड में योजना के अंतर्गत दी गई वित्तीय लाभों की वसूली, लाभों का रद्दीकरण या नियमों के अनुसार अन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है।
- किसी भी विवाद की स्थिति में परिवहन आयुक्त का निर्णय अंतिम होता है।
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क जानकारी
- परिवहन विभाग, झारखंड सरकार संपर्क विवरण
- परिवहन विभाग, झारखंड सरकार हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह झारखंड परिवहन विभाग की ग्रामीण परिवहन योजना है। इसके तहत चयनित लोगों को अधिसूचित ग्रामीण मार्गों पर बस खरीदकर चलाने में सहायता दी जाती है, जिससे गांवों में नियमित बस सेवा उपलब्ध हो सके।
कोई भी इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकता है, बशर्ते बस में 7 से 42 सीटें हों और परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेटेड GPS डिवाइस लगा हो।
आवेदन अपने जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से किया जा सकता है।
एक व्यक्ति अधिकतम दो बसों का लाभ ले सकता है और एक परिवार से केवल एक सदस्य को योजना की स्वीकृति मिल सकती है। परिवार में पति, पत्नी और बच्चे शामिल हैं।
जिला परिवहन पदाधिकारी के नाम ₹10,000 की वापसी योग्य बैंक गारंटी के साथ आवेदन पत्र में मांगे गए आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
आवेदक को कम से कम तीन अधिसूचित ग्रामीण मार्गों का चयन प्राथमिकता क्रम में करना होगा।
समान अंक होने की स्थिति में जिला समिति लॉटरी के माध्यम से लाभार्थी का चयन करती है।
हां, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दोबारा आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए पहले चुने गए तीन मार्गों के अलावा अन्य मार्गों का विकल्प देना होगा।
परमिट जारी होने की तारीख से कम से कम एक वर्ष तक बस का संचालन करना अनिवार्य है।
बस का मुख्य रंग हल्का नीला होगा, जिस पर सफेद पट्टी होगी। बस पर हरे रंग में "मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी" और मार्ग का नाम अंकित होगा।
एक महीने के भीतर पंजीकरण शुल्क, प्राप्त ब्याज सब्सिडी, फिटनेस शुल्क, परमिट शुल्क और तीन महीने की वित्तीय सहायता की राशि जमा करनी होगी।
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| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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