- मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए ₹25,000 तक की सहायता।
- आवेदक की दिव्यांगता 80% या उससे अधिक होनी चाहिए।
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, निदेशक फोन नंबर: +91-5222287267
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, निदेशक हेल्पडेस्क: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना। |
| आरंभ वर्ष | 2020 |
| लाभ | लाभार्थी को मोटराइज़्ड ट्राई साइकिल के लिए 25000 रूपए का अनुदान। |
| लाभार्थी | 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्ति |
| नोडल विभाग | दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश। |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के तहत उत्तर प्रदेश के पात्र दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने और आवागमन को आसान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना पात्र दिव्यांगजनों को निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2020 में बनाए गए उत्तर प्रदेश के नियमों के तहत शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों का सामना करने वाले दिव्यांगजनों के आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास में सहायता करना है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल की लागत के लिए ₹25,000 तक की सहायता दी जाती है। यदि ट्राईसाइकिल की कीमत ₹25,000 से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि लाभार्थी को स्वयं देनी होगी। हालांकि, अतिरिक्त राशि की व्यवस्था विधायक या सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि अथवा सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत मिलने वाले योगदान से भी की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना में ऐसे दिव्यांगजन शामिल हैं जो निर्धारित दिव्यांगता, आयु, आय और शारीरिक क्षमता संबंधी शर्तों को पूरा करते हैं। आवेदक की दिव्यांगता सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित 80% या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदक में मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल पर बैठने और उसे चलाने की शारीरिक क्षमता भी होनी चाहिए। निर्धारित वार्षिक आय सीमा ₹1.80 लाख है। इसके साथ ही आवेदक को उत्तर प्रदेश में निवास और आयु से जुड़ी लागू शर्तों को पूरा करना होगा। माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थी भी निर्धारित शर्तों के अनुसार मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
पात्र आवेदक उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आधिकारिक विभागीय पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान आवेदन पत्र वर्ष 2026-27 के लिए है और इसमें आवेदक को व्यक्तिगत, निवास, आय, दिव्यांगता तथा आधार या विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी देनी होती है। आवेदक को निर्धारित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे, जिनमें दिव्यांगता प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार या अन्य निर्धारित प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान शामिल हैं। विद्यार्थियों को इसके अतिरिक्त शिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा। विभाग आवेदन पत्रों की जांच करता है और पात्रता का सत्यापन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया तथा उपलब्ध धनराशि के अनुसार लाभ प्रदान करता है।
उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निःशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने पात्र दिव्यांग छात्राओं के लिए अलग से दिव्यांग छात्रा ई-ट्राईसाइकिल अनुदान योजना का भी प्रावधान किया है। वर्तमान विभागीय पोर्टल पर मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल और ई-ट्राईसाइकिल के लिए अलग-अलग आवेदन विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए आवेदकों को अपने लिए लागू योजना के अनुसार सही विकल्प का चयन करना चाहिए।
योजना के लाभ
- पात्र लाभार्थियों को ₹25,000 या ट्राईसाइकिल की वास्तविक कीमत, इनमें से जो राशि कम हो, उतनी अनुदान राशि दी जाती है।
- विभाग हाथ से चलने वाली ट्राईसाइकिल के बजाय मोटर चालित और बैटरी से चलने वाली ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराता है।
- यह आर्थिक सहायता जीवन में केवल एक बार दी जाती है।
- यदि ट्राईसाइकिल की कीमत ₹25,000 से अधिक है, तो लाभार्थी अतिरिक्त राशि स्वयं दे सकता है।
- ₹25,000 से अधिक की अतिरिक्त राशि विधायक निधि, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि या सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता से भी जुटाई जा सकती है।
- सरकार अपनी अनुदान राशि सीधे ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने वाली आपूर्तिकर्ता संस्था को देती है, लाभार्थी को नहीं।
- प्रत्येक जिले में हर वर्ष उपलब्ध ट्राईसाइकिल की कुल संख्या का एक-तिहाई हिस्सा माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहता है।
पात्रताएं
- आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की दिव्यांगता 80% या उससे अधिक होनी चाहिए और यह मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।
- आवेदक की आयु 16 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक या उसके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹1.80 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक में मोटर चालित ट्राईसाइकिल पर बैठने और हाथों से उसे चलाने के लिए पर्याप्त शारीरिक क्षमता होनी चाहिए।
- आवेदक के पास योजना के नियमों के अनुसार निर्धारित शारीरिक और चिकित्सीय क्षमता होनी चाहिए, जिसमें पर्याप्त दृष्टि और उचित मानसिक स्थिति भी शामिल है।
- माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इस योजना का लाभ मिल सकता है।
- आवेदक को इससे पहले केंद्र सरकार या किसी अन्य सरकारी अथवा सरकारी सहायता प्राप्त स्रोत से मोटर चालित ट्राईसाइकिल का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड या अन्य निर्धारित प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक संस्थान का प्रमाण पत्र (केवल विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य)
- आवेदक का फोटो
- हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान
आवेदन प्रक्रिया
- उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- मुख्य पृष्ठ से ऑनलाइन आवेदन के विकल्प पर क्लिक करें।
- योजना चयन के विकल्प में "मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल" चुनें।
- वित्तीय वर्ष 2026–27 चुनें।
- आवेदक का नाम, पिता/माता/अभिभावक का नाम, जन्म तिथि, आयु और लिंग सहित व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
- आवेदक के जिले, तहसील, निवास स्थान, पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर सहित पता संबंधी जानकारी दर्ज करें।
- जहां लागू हो, जाति संबंधी जानकारी, जाति प्रमाण पत्र संख्या और अल्पसंख्यक स्थिति दर्ज करें।
- व्यवसाय, मासिक आय, आधार या विशिष्ट दिव्यांग पहचान संख्या, उत्तर प्रदेश में निवास की अवधि और दिव्यांगता प्रतिशत की जानकारी दर्ज करें।
- सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता से अधिक आवश्यक राशि की व्यवस्था के स्रोत की जानकारी दें।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार या अन्य निर्धारित प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- यदि आवेदक विद्यार्थी है, तो शैक्षणिक संस्थान का प्रमाण पत्र अपलोड करें। विद्यार्थियों के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
- निर्धारित स्थान पर आवेदक का फोटो और हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान अपलोड करें।
- सभी जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेजों की ध्यान से जांच करने के बाद आवेदन ऑनलाइन जमा करें।
- आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग निर्धारित नियमों और उपलब्ध धनराशि के अनुसार आवेदन की जांच तथा आवेदक की पात्रता का सत्यापन करेगा।
ध्यान दें: आवेदकों को सही जानकारी दर्ज करनी चाहिए और वैध दस्तावेज ही अपलोड करने चाहिए। वर्तमान आवेदन पत्र में वित्तीय वर्ष 2026–27 दिया गया है।
चयन और स्वीकृति
- जमा किए गए आवेदनों की संबंधित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा जांच की जाती है। इस दौरान आवेदक की पात्रता और जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
- आवेदक की दिव्यांगता और मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल चलाने की शारीरिक क्षमता का निर्धारित शर्तों के अनुसार आकलन किया जाता है। आवेदक वाहन चलाने में शारीरिक रूप से सक्षम है या नहीं, यह तय करने में जिला स्तर की तकनीकी समिति की भूमिका होती है।
- पात्र आवेदनों पर उपलब्ध धनराशि के आधार पर निर्धारित जिला स्तरीय समिति द्वारा विचार किया जाता है और स्वीकृति दी जाती है।
- वर्तमान आधिकारिक जिला स्तरीय योजना जानकारी के अनुसार, चयन के लिए आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लिए जाते हैं।
- स्वीकृति मिलने के बाद चयनित लाभार्थी को योजना के लागू नियमों के अनुसार मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल का लाभ दिया जाता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना का ऑनलाइन आवेदन।
- उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना आवेदक लॉगिन।
- उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन निशुल्क मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना का शाशनादेश।
- उत्तर प्रदेश, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वेबसाइट।
संपर्क जानकारी
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, निदेशक फोन नंबर: +91-5222287267
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, निदेशक हेल्पडेस्क: [email protected]
- निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,
9वीं मंजिल, इंदिरा भवन, अशोक मार्ग, लखनऊ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह योजना उत्तर प्रदेश के पात्र दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों के आवागमन को आसान बनाना तथा उनके आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास में सहायता करना है।
पात्र लाभार्थी को मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल की खरीद के लिए अधिकतम ₹25,000 तक की सहायता मिलती है। यदि ट्राईसाइकिल की वास्तविक कीमत इससे कम है, तो सहायता वास्तविक कीमत तक सीमित रहती है।
आवेदक की दिव्यांगता निर्धारित सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित 80% या उससे अधिक होनी चाहिए।
आवेदक या उसके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹1.80 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
हां। माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थी निर्धारित शर्तों के अनुसार मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को आवेदन के दौरान शैक्षणिक संस्थान का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
पात्र आवेदक उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय व्यक्तिगत, आय, निवास, दिव्यांगता और आधार या विशिष्ट दिव्यांग पहचान संख्या से संबंधित जानकारी भरनी होगी।
सरकारी सहायता अधिकतम ₹25,000 तक है। यदि मोटोराइज्ड ट्राईसाइकिल की कीमत इससे अधिक है, तो अतिरिक्त राशि लाभार्थी को निर्धारित स्रोतों से स्वयं व्यवस्थित करनी होगी।
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हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
Motrizetricycle kharab ho gyi abhi sir 3month hua hai
Sir me ek student hu aur meri Kal se class chalu hai aur ye motrizecycle Kharar ho gaya hai
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