- योजना में ऐसे किसान जो वर्तमान में मसाला फसलें नहीं उगा रहे हैं, उन्हें लाभ दिया जाता है।
- बीज मसालों पर 50% (अधिकतम ₹10,000/हे.) व हल्दी-अदरक-लहसुन पर 50% (अधिकतम ₹50,000/हे.) अनुदान।
- न्यूनतम 0.25 हेक्टेयर से अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए एक बार का अनुदान दिया जाता है।
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश संपर्क विवरण
- MPFSTS पोर्टल हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected].
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश मसाला क्षेत्र विस्तार योजना |
| लाभ | 50% अनुदान (बीज/रोपण सामग्री पर) |
| लाभार्थी | राज्य के सभी वर्ग के किसान |
| नोडल विभाग | उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
मध्य प्रदेश सरकार का उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग राज्य में मसाला फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से मसाला क्षेत्र विस्तार योजना संचालित कर रहा है। यह एक राज्य प्रायोजित योजना है, जो प्रदेश के सभी जिलों में लागू है। योजना का मूल उद्देश्य गुणवत्तायुक्त एवं अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों के माध्यम से चुनिंदा मसाला फसलों का क्षेत्र विस्तार करना तथा उनके कुल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। मध्य प्रदेश में मसालों की खेती की अपार संभावनाएँ हैं, फिर भी कई किसान अभी भी पारंपरिक फसलों तक ही सीमित हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए विभाग ने यह योजना शुरू की है।
योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाता है, जो वर्तमान में किसी भी मसाला फसल की खेती नहीं कर रहे हैं। इससे नए किसानों को मसालों की खेती की ओर आकर्षित किया जाता है और राज्य में मसाला उत्पादन का आधार व्यापक बनाया जाता है। मसाला क्षेत्र विस्तार योजना योजना के अंतर्गत दो प्रकार की फसलों को शामिल किया गया है। इनमें बीज वाली मसाला फसलें तथा कंद या प्रकंद वाली फसलें जैसे हल्दी, अदरक और लहसुन शामिल हैं।
किसानों को बीज या रोपण सामग्री की लागत पर 50% अनुदान दिया जाता है। बीज मसाला फसलों के लिए अधिकतम 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा हल्दी, अदरक व लहसुन के लिए अधिकतम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता उपलब्ध है। किसान न्यूनतम शून्य दशमलव 25 हेक्टेयर से अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक के लिए अनुदान ले सकते हैं। एक किसान को यह अनुदान केवल एक ही बार मिलता है।
मध्य प्रदेश मसाला क्षेत्र विस्तार योजना सभी वर्गों के भूमिधारी किसानों के लिए खुली है। वनाधिकार प्रमाण-पत्र प्राप्त आदिवासी किसान भी इसके पात्र हैं। योजना केवल निजी भूमि पर लागू होती है और खेत में पर्याप्त सिंचाई सुविधा होना अनिवार्य है। विभाग सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित करता है, जिससे सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।
आवेदन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग पोर्टल पर आधार नंबर के साथ ऑनलाइन करना अनिवार्य है। विभागीय लक्ष्य उपलब्ध होने पर ही पोर्टल पर आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। अनुदान योजना के प्रावधानों के अनुसार या तो आदान सामग्री यानी बीज अथवा रोपण सामग्री पर सीधे अनुदान के रूप में दिया जाता है या किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किया जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए कई अन्य योजनाएँ भी चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना शामिल है, जिसके तहत किसानों के बेटे-बेटियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। मौसम आधारित फसल बीमा योजना किसानों की फसलों को मौसम संबंधी जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के लाभ
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना में सरकार बीज या रोपण सामग्री की आधी लागत अनुदान के रूप में देती है। योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- बीज मसाला फसलें: बीज लागत का 50%, अधिकतम ₹10,000 प्रति हेक्टेयर।
- हल्दी, अदरक और लहसुन: रोपण सामग्री लागत का 50%, अधिकतम ₹50,000 प्रति हेक्टेयर।
- क्षेत्र: 0.25 हेक्टेयर से 2 हेक्टेयर तक के लिए अनुदान।
- भुगतान: योजना प्रावधान के अनुसार आदान सामग्री पर अनुदान या डीबीटी के माध्यम से।
- एकमुश्त लाभ: एक किसान को अनुदान केवल एक बार मिलता है।
पात्रताएं
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभाग द्वारा तय ये शर्तें पूरी करनी होती हैं, जो इस प्रकार है:
- आवेदक भूमिधारी किसान होना चाहिए।
- योजना सभी वर्गों के किसानों के लिए लागू है।
- वनाधिकार प्रमाण-पत्र प्राप्त किसान भी पात्र हैं।
- किसान वर्तमान में मसालों की खेती नहीं कर रहा होना चाहिए।
- योजना निजी भूमि पर लागू होगी।
- खेत में पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
- अनुदान एक किसान को केवल एक ही बार मिलेगा।
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के लिए विभाग ने ये दस्तावेज अनिवार्य किए हैं:
- किसान का फोटो
- आधार कार्ड
- खसरा/बी-1 की प्रति या वन पट्टे की प्रति
- बैंक पासबुक
- जाति प्रमाण-पत्र
आवेदन प्रक्रिया
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना में आवेदन MPFSTS पोर्टल या ऑनलाइन केंद्र के माध्यम से भी किया जा सकता है। योजना में आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- सबसे पहले आवेदक MPFSTS पोर्टल पर विजिट करें
- अब होम पेज पर ऊपर नवीन पंजीयन के विकल्प पर क्लिक कर दें।
- पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश पढ़कर आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी वेरिफाई करें और सभी जानकारी सही से भरें।
- इसके बाद कृषक लॉगिन पर क्लिक करके यूजरनेम और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।
- अब मसाला क्षेत्र विस्तार योजना का चयन करके आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें।
- आवेदन के साथ फोटो, आधार, खसरा/बी-1 या वन पट्टे की प्रति, बैंक पासबुक और जाति प्रमाण-पत्र अपलोड करें और फॉर्म को सब्मिट कर दें।
- इस तरह आपके मसाला क्षेत्र विस्तार योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- मध्य प्रदेश मसाला क्षेत्र विस्तार योजना दिशा-निर्देश
- मध्य प्रदेश मसाला क्षेत्र विस्तार योजना डिटेल्स
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश पोर्टल
- MPFSTS पोर्टल
संपर्क जानकारी
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश संपर्क विवरण
- MPFSTS पोर्टल हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की राज्य योजना है, जिसमें मसाला खेती शुरू करने वाले किसानों को बीज या रोपण सामग्री की लागत पर 50% अनुदान मिलता है।
योजना में बीज वाली मसाला फसलें और कंद/प्रकंद वाली हल्दी, अदरक तथा लहसुन शामिल हैं।
न्यूनतम 0.25 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान मिल सकता है।
नहीं। योजना केवल उन किसानों के लिए है जो वर्तमान में मसालों की खेती नहीं कर रहे हैं।
हां, वनाधिकार प्रमाण-पत्र प्राप्त किसान भी इस योजना के पात्र हैं।
नहीं। एक किसान को यह अनुदान केवल एक ही बार मिलता है।
आवेदन MPFSTS पोर्टल पर आधार नंबर के साथ ऑनलाइन करना होता है। विभागीय लक्ष्य उपलब्ध होने पर ही आवेदन लिए जाते हैं।
विभाग योजना प्रावधान के अनुसार आदान सामग्री पर अनुदान या डीबीटी के माध्यम से अनुदान देता है।
संबंधित प्राधिकरण ने वर्ष 2026-27 की अंतिम तिथि अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं की है।
हां, खेत में पर्याप्त सिंचाई सुविधा होना अनिवार्य शर्त है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
टिप्पणियाँ
मदद के लिए कोई नंबर बताएं
Official announcement hai…
aur kisse jaane is ke bare me
बहुत ही खराब बीज मिला था
कहने की बातें सब बाहर निकल…
अदरक में 1 नई तरह का कीड़ा…
Provide a English…
नई टिप्पणी जोड़ें