- स्थायी पूर्ण विकलांगता पर ₹75,000 + ₹1,000 मासिक तथा आंशिक पर ₹50,000 + ₹1,000 मासिक पेंशन दी जाती है।
- लाभ केवल बोर्ड में निबंधित और कम से कम 1 वर्ष की सदस्यता वाले निर्माण श्रमिकों के लिए उपलब्ध है।
- योजना में आवेदन विकलांगता प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से 2 वर्ष के भीतर करना अनिवार्य।
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 18002965656
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार निर्माण श्रमिक विकलांगता पेंशन योजना |
| लाभ | 50,000/-रुपए से 75,000/-रुपए सहायता राशि तथा 1,000/-रुपए प्रति माह पेंशन सुविधा |
| लाभार्थी | राज्य के निर्माण श्रमिक |
| नोडल विभाग | बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पोर्टल |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
निर्माण कार्य में लगे मजदूर रोज़ाना जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं। ऊँचाई पर काम करना, भारी मशीनरी का उपयोग और असुरक्षित परिस्थितियों के कारण दुर्घटनाएँ आम बात हैं। कभी-कभी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण कोई श्रमिक स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है। ऐसे में उसकी नियमित कमाई पूरी तरह रुक जाती है और पूरा परिवार आर्थिक संकट में फँस जाता है। इसी कठिन परिस्थिति में सहारा देने के लिए बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) बिहार निर्माण श्रमिक विकलांगता पेंशन योजना संचालित करता है। यह योजना स्थायी रूप से विकलांग हुए निबंधित निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, ताकि वे और उनका परिवार अपनी बुनियादी जरूरतों को बिना किसी आर्थिक समस्या के पूरा कर सकें।
बोर्ड इस विकलांगता पेंशन योजना के अंतर्गत दो तरह की सहायता देता है - एक बार की एकमुश्त आर्थिक सहायता और हर महीने नियमित पेंशन। स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में श्रमिक को ₹75,000 की एकमुश्त राशि मिलती है, जबकि स्थायी आंशिक विकलांगता में ₹50,000 की एकमुश्त राशि दी जाती है। दोनों ही स्थितियों में ₹1,000 मासिक पेंशन अलग से मिलती है। यह सहायता केवल उन्हीं श्रमिकों को उपलब्ध है जो बोर्ड में विधिवत निबंधित हैं और जिनकी सदस्यता कम से कम एक वर्ष पुरानी हो।
आवेदक श्रमिक बोर्ड के आधिकारिक BOCW पोर्टल पर जाकर इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि श्रमिक को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से दो वर्ष के भीतर आवेदन करना होगा। समय सीमा के बाद किया गया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
बोर्ड बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड राज्य के श्रमिक महिलाओं और श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना और बिहार निर्माण श्रमिक पेंशन योजना भी चला रहा है। मातृत्व लाभ सहायता योजना के तहत निबंधित महिला निर्माण श्रमिकों को प्रथम दो प्रसवों के लिए राज्य सरकार द्वारा अकुशल कामगार हेतु निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के 90 दिनों के समतुल्य राशि दी जाती है। वहीं निर्माण श्रमिक पेंशन योजना में कम से कम पाँच वर्ष की सदस्यता रखने वाले निबंधित श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर ₹1,100 मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जिससे वे वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा पा सकें।
योजना के लाभ
बोर्ड विकलांगता की श्रेणी के आधार पर सहायता राशि तय करता है। दोनों श्रेणियों में मासिक पेंशन समान रहती है।
- स्थायी पूर्ण विकलांगता: ₹75,000 की एकमुश्त सहायता और ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन।
- स्थायी आंशिक विकलांगता: ₹50,000 की एकमुश्त सहायता और ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन।
पात्रताएं
योजना का लाभ पाने के लिए श्रमिक को बोर्ड की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।
- आवेदक बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में विधिवत निबंधित निर्माण श्रमिक हो।
- बोर्ड में आवेदक की सदस्यता कम से कम 1 वर्ष पुरानी हो।
- आवेदक स्थायी पूर्ण या स्थायी आंशिक विकलांगता का शिकार हुआ हो।
- विकलांगता का प्रमाण पत्र सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया हो।
कौन पात्र नहीं है?
नीचे दी गई स्थितियों में आवेदक योजना का लाभ नहीं ले पाएगा।
- जो श्रमिक बोर्ड में निबंधित नहीं है।
- जिसकी सदस्यता 1 वर्ष से कम है।
- जो विकलांगता प्रमाण पत्र जारी होने के 2 वर्ष बाद आवेदन करता है।
आवश्यक दस्तावेज
बोर्ड ने इस योजना के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज़ अनिवार्य किए हैं।
- सिविल सर्जन द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र।
- सरकारी अस्पताल से इलाज का मेडिकल विवरण, जिसमें भर्ती (Admission) और छुट्टी (Discharge) की तारीख दर्ज हो।
- बिहार में निवास का प्रमाण/ स्थाई प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन से पहले श्रमिक का बोर्ड में निबंधन होना जरूरी है। जिसके बाद आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित चरणों में पूरी की जा सकती है
- सबसे पहले बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- अब अपने निबंधित श्रमिक खाते से लॉग इन करें।
- इसके बाद योजनाओं की लिस्ट में बिहार निर्माण श्रमिक विकलांगता पेंशन योजना का चयन करें।
- अब आवेदन पत्र में पूछी गई जानकारी ठीक से भरें।
- आवेदन पत्र भरकर सभी आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें।
- लाभार्थियों के चयन हेतु श्रम संसाधन विभाग के अधिकारियो द्वारा आवेदन पत्र समेत दस्तावेजों की जाँच की जाएगी।
- चयनित लाभार्थियों को जाँच के बाद उनके दिए गए बैंक खाते में सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
निबंधन नहीं है तो क्या करें?
जो श्रमिक अभी तक बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, वे पहले निबंधन कराएं।
- पोर्टल के श्रमिक निबंधन पेज पर जाकर निबंधन प्रक्रिया पूरी करें।
- ध्यान रखें कि विकलांगता पेंशन के लिए सदस्यता कम से कम 1 वर्ष पुरानी होनी चाहिए, तभी पेंशन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पोर्टल
- बिहार निर्माण श्रमिक विकलांगता पेंशन योजना डिटेल
- बिहार निर्माण श्रमिक विकलांगता पेंशन योजना दिशानिर्देश
संपर्क जानकारी
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 18002965656
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना है, जिसमें स्थायी रूप से विकलांग निबंधित निर्माण श्रमिक को एकमुश्त सहायता और ₹1,000 मासिक पेंशन मिलती है।
स्थायी पूर्ण विकलांगता पर ₹75,000 और स्थायी आंशिक विकलांगता पर ₹50,000 एकमुश्त मिलते हैं। दोनों स्थितियों में ₹1,000 मासिक पेंशन भी मिलती है।
बोर्ड में विधिवत निबंधित वह श्रमिक, जिसकी सदस्यता कम से कम 1 वर्ष पुरानी हो और जो स्थायी पूर्ण या आंशिक विकलांगता से ग्रस्त हो।
नहीं। बोर्ड केवल विधिवत निबंधित श्रमिकों को ही इस योजना का लाभ देता है।
विकलांगता प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से 2 वर्ष के भीतर आवेदन जमा करना होगा।
हां। स्थायी आंशिक विकलांगता पर ₹50,000 एकमुश्त राशि के साथ ₹1,000 मासिक पेंशन भी मिलती है।
नहीं। योजना की पात्रता के लिए न्यूनतम 1 वर्ष की सदस्यता ज़रूरी है।
इस योजना के लिए सिविल सर्जन द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र मान्य है।
सरकारी अस्पताल के मेडिकल विवरण में अस्पताल में भर्ती (Admission) और छुट्टी (Discharge) की तारीख दर्ज होनी चाहिए।
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