- नया घर बनाने या कच्चे घर को पक्के घर में बदलने के लिए ₹1.50 लाख की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- घर पूरा होने के बाद भूमि खरीद और संबंधित खर्चों के लिए ₹50,000 तक की सहायता दी जाती है।
- MahaBOCW में एक वर्ष से अधिक समय से लगातार सक्रिय पंजीकरण होना आवश्यक है।
- MahaBOCW टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-8892-816
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड हेल्पलाइन नंबर:
- 022-26572631
- 022-26572632
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल:
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | महाराष्ट्र अटल बांधकाम कामगार आवास योजना |
| लाभ | ₹1.5 लाख + ₹50,000 तक प्रतिपूर्ति |
| लाभार्थी | पंजीकृत एवं सक्रिय ग्रामीण निर्माण श्रमिक |
| नोडल विभाग | महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (MahaBOCW) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
अटल बांधकाम कामगार आवास योजना (ग्रामीण) महाराष्ट्र सरकार की एक विशेष ग्रामीण आवास कल्याण योजना है, जो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पंजीकृत और सक्रिय निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की गई है। इसका क्रियान्वयन महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (MahaBOCW) द्वारा उद्योग, ऊर्जा एवं श्रम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में किया जाता है। यह योजना 14 जनवरी 2019 को औपचारिक रूप से शुरू की गई थी। इसके तहत पात्र श्रमिकों को घर बनाने के लिए ₹1,50,000 की सहायता मिल सकती है। योजना में घर पूरा होने और पूर्णता प्रमाण-पत्र जमा करने के बाद ₹50,000 तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध है, इस प्रकार कुल सहायता ₹2 लाख तक हो सकती है।
अटल बांधकाम कामगार आवास योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे पंजीकृत ग्रामीण निर्माण श्रमिकों को स्थायी और सुरक्षित घर बनाने में सहायता देना है, जो वर्तमान में कच्चे घर में रहते हैं या जिनके पास अपना घर नहीं है। योजना का उद्देश्य उनके जीवन स्तर में सुधार करना, उन्हें आवासीय सुरक्षा एवं सम्मान प्रदान करना और अस्थायी या असुरक्षित आवास से टिकाऊ पक्के घर की ओर स्थानांतरित करने में सहायता करना है। इसके तहत पात्र श्रमिक अपने या अपने पति/पत्नी के नाम पर उपलब्ध भूमि पर नया पक्का घर बना सकते हैं या उसी स्थान पर मौजूदा कच्चे घर को पक्के घर में परिवर्तित कर सकते हैं।
यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA)और स्वच्छ भारत मिशन जैसी मौजूदा योजनाओं के साथ समन्वय के आधार पर भी लागू की जाती है, ताकि एक ही परिवार को आवास, आजीविका और स्वच्छता से संबंधित लाभ एकीकृत रूप से मिल सकें तथा लाभों के दोहराव से बचा जा सके। इस योजना के तहत सहायता केवल पात्र एवं वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों का पालन करना आवश्यक है।अटल बांधकाम कामगार आवास योजना नाम केवल ग्रामीण योजना के लिए लागू होता है। ग्रामीण योजना के अनुसार, शहरी निर्माण श्रमिकों के लिए पहले योजना शुरू किए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के निर्माण श्रमिकों के लिए अलग आवास योजना शुरू करने की आवश्यकता महसूस हुई।
महाराष्ट्र अटल बांधकाम कामगार आवास योजना को निर्माण श्रमिकों के लिए लागू अलग शहरी आवास योजना से स्पष्ट रूप से अलग समझना आवश्यक है। शहरी निर्माण श्रमिकों के लिए योजना का नाम महाराष्ट्र बांधकाम कामगार आवास योजना है, जिसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत शुरू किया गया था। दोनों योजनाएं अपने नाम, संरचना, पात्रता और लाभ के आधार पर अलग-अलग हैं।
अटल बांधकाम कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के अलावा महाराष्ट्र सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई अन्य आवास योजनाएं भी संचालित करती है। महाराष्ट्र रमाई आवास योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पात्र अनुसूचित जाति तथा नव-बौद्ध परिवारों को आवास सहायता प्रदान करती है, जो बेघर हैं या कच्चे घरों में रह रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र आदिम आवास योजना पात्र आदिम जनजातीय समुदायों को आवास सहायता प्रदान करती है, जिसमें कातकरी, कोलाम और माडिया गोंड जैसे समुदाय शामिल हैं।
योजना के लाभ
महाराष्ट्र अटल बांधकाम कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- नया घर बनाने या मौजूदा कच्चे घर को पक्के घर में बदलने के लिए ₹1,50,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है।
- इस ₹1,50,000 की सहायता में ₹18,000 MGNREGA से और ₹12,000 शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित हैं।
- घर का निर्माण पूरा होने और पूर्णता प्रमाण-पत्र जमा करने के बाद भूमि खरीद तथा संबंधित खर्चों के लिए ₹50,000 तक की प्रतिपूर्ति प्राप्त की जा सकती है।
- योजना के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
- घर का न्यूनतम क्षेत्रफल 269 वर्ग फुट होना चाहिए और उसमें रसोई, रहने का हॉल, शौचालय तथा स्नानघर होना चाहिए। प्लिंथ से घर की न्यूनतम ऊंचाई 10 फीट होनी चाहिए।
- स्थानीय आवश्यकता के अनुसार छत के लिए लोहे की चादर, सीमेंट शीट या टाइल्स का उपयोग किया जा सकता है। लाभार्थी अपनी अतिरिक्त लागत से इससे बड़ा घर भी बना सकता है।
- योजना का लाभ केवल एक बार और पात्र परिवार के केवल एक सदस्य को दिया जाता है।
- घर निर्माण की सहायता PFMS के माध्यम से निर्माण की सत्यापित प्रगति के आधार पर किस्तों में जारी की जाती है। योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि का 4% प्रशासनिक खर्चों के लिए स्टेट मैनेजमेंट सेल–रूरल हाउसिंग को आवंटित किया जाता है।
पात्रताएं
योजना के लिए पात्र होने के लिए आवेदक को 14 जनवरी 2019 के सरकारी संकल्प में निर्धारित निम्नलिखित सभी शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदन के समय आवेदक का महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में एक वर्ष से अधिक समय से लगातार पंजीकृत और सक्रिय निर्माण श्रमिक होना आवश्यक है।
- आवेदक या उसके पति/पत्नी के नाम महाराष्ट्र में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए। इसके लिए स्व-घोषणा या शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
- आवेदक के पास अपने या पति/पत्नी के नाम पर घर बनाने के लिए भूमि होनी चाहिए या ऐसी जगह पर कच्चा घर होना चाहिए, जिसे पक्के घर में बदला जा सके।
- आवेदक को किसी अन्य सरकारी आवास योजना के तहत लाभ या आवास ऋण के ब्याज भुगतान के लिए किसी सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।
- आवेदक का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में शामिल नहीं होना चाहिए।
- योजना का लाभ पात्र परिवार के केवल एक सदस्य को दिया जाएगा और इसे केवल एक बार लिया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे:
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पहचान/पंजीकरण प्रमाण-पत्र की प्रति।
- आधार कार्ड की प्रति।
- भूमि के स्वामित्व की पुष्टि के लिए 7/12 उतारा, पंजीकृत संपत्ति प्रमाण-पत्र या ग्राम पंचायत संपत्ति रजिस्टर का उतारा।
- लाभार्थी के अपने नाम पर सक्रिय बैंक बचत खाते की पासबुक की फोटोकॉपी।
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया जिला प्रशासन के माध्यम से ऑफलाइन की जाती है। आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के जिला कार्यालय या आधिकारिक MahaBOCW वेबसाइट से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- आवेदन पत्र को सही तरीके से भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- भरा हुआ आवेदन उस जिले के जिला कार्यकारी अधिकारी या उप-जिला कार्यकारी अधिकारी के पास जमा करें, जहां श्रमिक का पंजीकरण है।
- जिला स्तरीय लाभार्थी चयन समिति द्वारा आवेदनों की जांच की जाती है। समिति पंजीकरण, पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन करती है।
- पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है और तालुका-वार सूची तैयार करके उसे कल्याण बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा जाता है।
- आवश्यक धनराशि बेलापुर, नवी मुंबई स्थित राज्य प्रबंधन प्रकोष्ठ, ग्रामीण आवास कार्यालय के निदेशक को हस्तांतरित की जाती है।
- निर्माण की प्रत्येक अवस्था में प्रगति के सत्यापन के बाद PFMS के माध्यम से वित्तीय सहायता किस्तों में जारी की जाती है।
- घर का निर्माण पूरा होने और पूर्णता प्रमाण-पत्र जमा करने के बाद पात्र लाभार्थी भूमि खरीद एवं संबंधित खर्चों के लिए ₹50,000 तक की प्रतिपूर्ति प्राप्त कर सकते हैं।
- योजना के समग्र क्रियान्वयन की निगरानी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा की जाती है।
महत्वपूर्ण पत्र
महत्वपूर्ण लिंक
- अटल बांधकाम कामगार आवास योजना दिशा-निर्देश
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (MahaBOCW) पोर्टल
संपर्क जानकारी
- MahaBOCW टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-8892-816
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड हेल्पलाइन नंबर:
- 022-26572631
- 022-26572632
- महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल:
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह महाराष्ट्र सरकार की आवास सहायता योजना है, जो पंजीकृत और सक्रिय ग्रामीण निर्माण श्रमिकों के लिए है।
योजना के तहत घर निर्माण के लिए ₹1.50 लाख की सहायता दी जाती है। इसके अलावा, पात्र भूमि और संबंधित खर्चों के लिए ₹50,000 तक की अलग सहायता का प्रावधान है।
घर का न्यूनतम क्षेत्रफल 269 वर्ग फुट होना चाहिए।
नहीं। यह लाभ पात्र परिवार के केवल एक सदस्य को दिया जाता है और इसे केवल एक बार लिया जा सकता है।
हां। योजना के तहत मौजूदा कच्चे घर को पक्के घर में बदलने की सुविधा भी शामिल है।
हां। आवेदक के अपने या पति/पत्नी के नाम पर भूमि होनी चाहिए या उस स्थान पर मौजूदा कच्चा घर होना चाहिए।
हां। घर का निर्माण पूरा होना और पूर्णता प्रमाण-पत्र जमा करना आवश्यक है।
नहीं। जिस श्रमिक ने पहले किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ लिया है या बोर्ड की आवास ऋण ब्याज सहायता प्राप्त की है, वह पात्र नहीं है।
निर्माण की प्रगति के सत्यापन के बाद सहायता राशि PFMS के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले पंजीकृत और सक्रिय निर्माण श्रमिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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