उत्तर प्रदेश एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्त पोषण सहायता योजना

द्वारा प्रस्तुत shivanibanduni… on Thu, 29/10/2026 - 10:46
Yogi Adityanath CM Uttar Pradesh
Scheme Open
उत्तर प्रदेश एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण सहायता योजना इमेज
हाइलाइट
  • योजना के अंतर्गत पात्र परियोजनाओं के लिए अधिकतम ₹50 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाती है।
  • जिले के निर्धारित ओडीओसी व्यंजन से संबंधित नई इकाइयों, विस्तार एवं विविधीकरण वाली इकाइयों को सहायता दी जाती है।
  • सामान्य श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का 10% तथा विशेष श्रेणियों को 5% स्वयं वहन करना होता है। 
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
    • 0512-2218401
    • 0512-2234956
    • 0512-2219166
  • उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के संपर्क नंबर: 155343
योजना का अवलोकन
योजना का नामउत्तर प्रदेश एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्त पोषण सहायता योजना
लाभ₹50 लाख तक मार्जिन मनी सहायता
लाभार्थीओडीओसी व्यंजन से जुड़े उद्यमी एवं व्यावसायिक इकाइयाँ
नोडल विभागउद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

योजना के बारे में

उत्तर प्रदेश एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्त पोषण सहायता योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश की एक मार्जिन मनी योजना है। इसका उद्देश्य उद्यमियों को उनके जिले के पारंपरिक व्यंजन या निर्धारित खाद्य उत्पाद से संबंधित व्यवसाय स्थापित करने, उसका विस्तार करने अथवा उसमें विविधीकरण करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा अन्य अनुसूचित बैंक परियोजना के लिए ऋण उपलब्ध कराते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार परियोजना लागत के निर्धारित अनुपात के अनुसार मार्जिन मनी सहायता प्रदान करती है। छोटी परियोजनाओं के लिए सहायता 25% से शुरू होती है, जबकि बड़ी परियोजनाओं के लिए अधिकतम सहायता ₹50 लाख तक हो सकती है। योजना का क्रियान्वयन उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर तथा जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्रों (DIC) के माध्यम से किया जाता है।

राज्य सरकार ने इस योजना को व्यापक एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) कार्यक्रम के वित्तीय सहायता घटक के रूप में शुरू किया। इस कार्यक्रम को 5 मई 2026 को अधिसूचित किया गया था। उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों की अपनी विशिष्ट खाद्य पहचान है, लेकिन पारंपरिक व्यंजन बनाने वाले कई उत्पादकों के पास आधुनिक मशीनों, बेहतर पैकेजिंग और बाजार तक पहुँच के पर्याप्त साधन नहीं हैं। इस योजना का उद्देश्य इन समस्याओं को दूर करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाना है।

योजना के अंतर्गत उद्यमी अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की मशीनें और उपकरण खरीद सकते हैं। इनमें उत्पादन बढ़ाने वाली स्वचालित मशीनें, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग मशीनें, रैपर और सीलर, डीप फ्रीजर, रेफ्रिजरेटेड वाहन, मिनी कोल्ड रूम, खाद्य परीक्षण एवं गुणवत्ता जाँच उपकरण, उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें तथा क्लाउड किचन शामिल हैं। जिले के निर्धारित ओडीओसी व्यंजन को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने वाली अन्य पात्र गतिविधियों के लिए भी सहायता मिल सकती है। नई इकाइयाँ स्थापित करने, मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने और व्यवसाय में विविधीकरण करने वाले पात्र उद्यमी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

ओडीओसी वित्त पोषण सहायता योजना की आवेदन प्रक्रिया बैंक ऋण से जुड़ी हुई है। आवेदक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करता है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र स्कोरकार्ड के आधार पर आवेदनों का मूल्यांकन करके चयनित आवेदन बैंक को भेजता है। बैंक ऋण स्वीकृत करता है। बैंक द्वारा ऋण की पहली किस्त जारी किए जाने के बाद जिला उद्योग केंद्र मार्जिन मनी की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जारी करता है।

यह राशि लाभार्थी के खाते में सावधि जमा रसीद (TDR) के रूप में रखी जाती है। मार्जिन मनी के हिस्से पर ब्याज नहीं लगता। दो वर्ष तक सफलतापूर्वक व्यवसाय चलाने और संयुक्त निरीक्षण पूरा होने के बाद बैंक इस राशि को अनुदान के रूप में ऋण खाते में समायोजित करता है। सामान्य श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का 10% और विशेष श्रेणियों के आवेदकों को 5% स्वयं लगाना होता है। योजना में आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) वित्तीय सहायता योजना भी संचालित करती है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और रियायती ऋण जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। वहीं, ओडीओपी योजना में जिले के विशिष्ट उत्पादों से संबंधित व्यवसायों के लिए बैंक ऋण के साथ अधिकतम ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन दोनों योजनाओं की विस्तृत जानकारी संबंधित लिंक पर देखी जा सकती है।

योजना के लाभ

उत्तर प्रदेश एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत पात्र उद्यमियों को बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सहायता दी जाती है। सहायता की राशि कुल परियोजना लागत पर निर्भर करती है।

मार्जिन मनी सहायता

योजना में परियोजना लागत के आधार पर मार्जिन मनी सहायता की चार श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं।

कुल परियोजना लागतमार्जिन मनी सहायता
₹25 लाख तकपरियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹6.25 लाख तक
₹25 लाख से अधिक और ₹50 लाख तक₹6.25 लाख या परियोजना लागत का 20%, जो भी अधिक हो
₹50 लाख से अधिक और ₹1.50 करोड़ तक₹10 लाख या परियोजना लागत का 10%, जो भी अधिक हो
₹1.50 करोड़ से अधिकपरियोजना लागत का 10%, अधिकतम ₹50 लाख तक

योजना के अन्य प्रमुख लाभ

  • कम स्वयं का अंशदान: सामान्य श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का केवल 10% और विशेष श्रेणियों के आवेदकों को 5% स्वयं लगाना होता है।
  • ब्याज में राहत: मार्जिन मनी के हिस्से पर लाभार्थी से ब्याज नहीं लिया जाता।
  • अनुदान में समायोजन: दो वर्ष तक बिना किसी चूक के सफल संचालन के बाद बैंक मार्जिन मनी को ऋण के विरुद्ध अनुदान के रूप में समायोजित करता है।
  • डीबीटी के माध्यम से भुगतान: बैंक का दावा प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर जिला उद्योग केंद्र द्वारा मार्जिन मनी जारी की जाती है।
  • कार्यशील पूंजी की सुविधा: परियोजना लागत में पूंजीगत व्यय के साथ एक चक्र की कार्यशील पूंजी भी शामिल की जा सकती है।
  • किराए के परिसर की अनुमति: आवेदक किराए पर लिए गए वर्कशॉप या कार्यशाला शेड का उपयोग कर सकते हैं।
  • उद्यमिता प्रशिक्षण: नए लाभार्थियों को सरकारी पॉलिटेक्निक, आईटीआई, आरएसईटीआई और उद्यमिता विकास संस्थानों जैसी संस्थाओं के माध्यम से कम-से-कम एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता नहीं: आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है। हालांकि, आवेदक की आयु कम-से-कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

सहायता के लिए पात्र गतिविधियाँ

ओडीओसी मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत जिले के निर्धारित ओडीओसी व्यंजन से संबंधित निम्नलिखित गतिविधियों के लिए सहायता मिल सकती है:

  • उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली स्वचालित मशीनें।
  • पैकेजिंग और लेबलिंग के लिए आधुनिक पैकिंग मशीनें, रैपर और सीलर।
  • डीप फ्रीजर, रेफ्रिजरेटेड वाहन और मिनी कोल्ड रूम जैसी कोल्ड चेन एवं शीत भंडारण सुविधाएँ।
  • खाद्य परीक्षण और गुणवत्ता जाँच से संबंधित उपकरण।
  • खाद्य उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाली मशीनें।
  • क्लाउड किचन की स्थापना।
  • जिले के निर्धारित ओडीओसी व्यंजन को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने वाली अन्य पात्र गतिविधियाँ।

लाभार्थी के स्वयं का अंशदान

प्रत्येक आवेदक को परियोजना लागत का निर्धारित हिस्सा स्वयं वहन करना होगा। श्रेणी के अनुसार अंशदान निम्नलिखित है:

श्रेणीस्वयं का अंशदान
सामान्य श्रेणीकुल परियोजना लागत का 10%
अनुसूचित जाति (SC)5%
अनुसूचित जनजाति (ST)5%
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)5%
अल्पसंख्यक5%
महिलाएँ5%
दिव्यांगजन5%

परियोजना लागत में क्या शामिल है?

परियोजना लागत में पूंजीगत व्यय (भूमि खरीदने की लागत को छोड़कर) और एक चक्र की कार्यशील पूंजी शामिल होती है। आवेदक वर्कशॉप या कार्यशाला शेड किराए पर ले सकते हैं, लेकिन भूमि खरीदने पर होने वाला खर्च परियोजना लागत में शामिल नहीं किया जाता।

ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: योजना के सरकारी आदेश में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उन विशेष श्रेणियों में शामिल किया गया है, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। हालांकि, स्वयं के अंशदान से संबंधित 5% वाली शर्त में ट्रांसजेंडर श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित जिला उद्योग केंद्र से अंशदान की दर की पुष्टि कर लें।

पात्रताएं

एक जनपद एक व्यंजन ) वित्त पोषण सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की कोई अनिवार्यता नहीं है।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म में इसका विवरण देना होगा।
  • उद्योग, सेवा या व्यवसाय से संबंधित इकाई जिले के निर्धारित ओडीओसी उत्पाद या व्यंजन से जुड़ी होनी चाहिए।
  • नई इकाइयाँ, मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने वाली इकाइयाँ और विविधीकरण करने वाली इकाइयाँ आवेदन कर सकती हैं।
  • आवेदक या उसकी इकाई किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी संस्था की ऋण चूककर्ता (डिफॉल्टर) नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक ने भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त नहीं किया होना चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को इस योजना का लाभ केवल एक बार दिया जाएगा।
  • आवेदक को पात्रता की शर्तों की पुष्टि करने वाला शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांग श्रेणी के आवेदकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी संबंधित प्रमाणपत्र की प्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी।

आवश्यक दस्तावेज

ओडीओसी वित्त पोषण सहायता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन की गई प्रतियाँ तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • हाल ही में खींची गई पासपोर्ट आकार की फोटो
  • उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाणपत्र
  • बैंक पासबुक या रद्द किया गया चेक
  • परियोजना रिपोर्ट (प्रोजेक्ट फॉर्म)
  • पात्रता की पुष्टि करने वाला शपथपत्र
  • जाति प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला या दिव्यांग श्रेणी के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी संबंधित प्रमाणपत्र की प्रमाणित प्रति, जहाँ लागू हो

ऑनलाइन आवेदनी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश ओडीओसी मार्जिन मनी योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। विभाग ऑफलाइन माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं करता। आवेदक उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।

  • सबसे पहले उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  • होम पेज पर "Schemes & Apply" विकल्प पर क्लिक करें और One District One Cuisine (ODOC) Financing Assistance (Margin Money) Scheme का चयन करें।
  • योजना के विवरण के नीचे उपलब्ध पंजीकरण फॉर्म भरें। इसमें अपना नाम, जन्मतिथि, पिता या पति/पत्नी का नाम, मोबाइल नंबर, जिला और आधार नंबर दर्ज करें। सभी विवरण आधार कार्ड के अनुसार भरें, आधार प्रमाणीकरण के लिए सहमति दें और पंजीकरण पूरा करें।
  • सफल पंजीकरण के बाद पोर्टल पर आपकी यूजर आईडी दिखाई देगी। यूजर आईडी और पासवर्ड आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजे जाएँगे।
  • इसके बाद पंजीकृत आवेदक लॉगिन पेज खोलें। अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करें।
  • आवेदन फॉर्म में शेष जानकारी भरें। निर्धारित प्रारूप और आकार के अनुसार शपथपत्र, परियोजना रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
  • दर्ज की गई जानकारी की सावधानीपूर्वक जाँच करें और अंत में "Final Submit" पर क्लिक करें।

ध्यान दें: ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होने पर आवेदक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र या विभागीय हेल्पलाइन नंबर 155343 से सहायता ले सकते हैं।

आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

आवेदन का सत्यापन, चयन और ऋण स्वीकृति

आवेदन जमा करने के बाद निम्नलिखित चरणों के माध्यम से उसकी जाँच और आगे की कार्रवाई की जाती है:

  • संबंधित जिले का जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र (DIC) आवेदन और दस्तावेजों की जाँच करता है। यदि कोई त्रुटि मिलती है, तो आवेदन को पोर्टल के माध्यम से सुधार के लिए वापस भेजा जाता है।
  • दस्तावेजों की जाँच में सही पाए गए आवेदनों का स्कोरकार्ड के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है और अंकों के अनुसार आवेदकों का चयन किया जाता है।
  • चयनित आवेदन को जिला उद्योग केंद्र द्वारा चयन के सात दिनों के भीतर विभागीय पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक शाखा को भेजा जाता है।
  • बैंक शाखा प्रबंधक आवेदन प्राप्त होने के एक महीने के भीतर ऋण स्वीकृत करने या अस्वीकार करने का निर्णय लेते हैं।
  • ऋण स्वीकृत होने के बाद नए लाभार्थियों को सरकारी पॉलिटेक्निक, आईटीआई, आरएसईटीआई या उद्यमिता विकास संस्थान जैसी संस्था से कम-से-कम एक सप्ताह का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होता है।
  • पहले से प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को विभाग छूट दे सकता है।
  • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बैंक ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू करता है और लाभार्थी को 15 दिनों के भीतर ऋण की पहली किस्त जारी करता है।
  • इसके बाद बैंक जिला उद्योग केंद्र के समक्ष ऑनलाइन मार्जिन मनी का दावा प्रस्तुत करता है और राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की जाती है।

मार्जिन मनी जारी करने और डीबीटी भुगतान की प्रक्रिया

ओडीओसी वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत मार्जिन मनी जारी करने और ऋण में समायोजित करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन किया जाता है।

  • ऋण देने वाली बैंक शाखा ऋण की पहली किस्त जारी करने के सात दिनों के भीतर उपयुक्त जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त के समक्ष ऑनलाइन मार्जिन मनी का दावा प्रस्तुत करती है।
  • जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दावा प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर डीबीटी के माध्यम से मार्जिन मनी जारी करते हैं।
  • मार्जिन मनी लाभार्थी के खाते में सावधि जमा रसीद (TDR) के रूप में रखी जाती है। इस हिस्से पर ब्याज नहीं लगता।
  • दो वर्ष तक बिना किसी चूक के सफलतापूर्वक व्यवसाय चलाने के बाद जिला उद्योग केंद्र और बैंक के अधिकारी संयुक्त रूप से परियोजना का निरीक्षण करते हैं।
  • निरीक्षण के बाद बैंक मार्जिन मनी को ऋण के विरुद्ध अनुदान के रूप में समायोजित करता है।

महत्वपूर्ण शर्तें

  • यदि लाभार्थी जानबूझकर ऋण राशि का दुरुपयोग करता है, तो बैंक मार्जिन मनी जिला उद्योग केंद्र को वापस कर देता है।
  • यदि प्राकृतिक आपदा या अन्य असाधारण परिस्थितियों के कारण परियोजना बंद हो जाती है, तो बैंक मार्जिन मनी को लाभार्थी के ऋण के विरुद्ध समायोजित कर सकता है।
  • उद्योग निदेशालय का ओडीओसी प्रकोष्ठ योजना के लिए आवंटित बजट से जिला उद्योग केंद्रों को धन उपलब्ध कराता है। इसलिए सहायता बजट की उपलब्धता पर निर्भर करती है।
  • योजना की समीक्षा जिला स्तर पर ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति (BLBC), जिला समन्वय समिति (DCC), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) और जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाती है। राज्य स्तर पर इसकी समीक्षा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) करती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
    • 0512-2218401
    • 0512-2234956
    • 0512-2219166
  • उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के संपर्क नंबर: 155343

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसके तहत जिले के पारंपरिक व्यंजन या खाद्य उत्पाद से जुड़े व्यवसायों को बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाती है।

₹25 लाख तक की परियोजनाओं पर 25% (अधिकतम ₹6.25 लाख) और ₹1.50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर अधिकतम ₹50 लाख तक मार्जिन मनी मिल सकती है।

नहीं। इस योजना के तहत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है।

सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10% और SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला तथा दिव्यांग आवेदकों को 5% स्वयं निवेश करना होगा।

ऋण चूककर्ता, पहले से किसी अन्य योजना का लाभ ले चुके आवेदक, ODOC के तहत पहले ही सहायता प्राप्त कर चुके परिवार तथा जिले के निर्धारित ODOC उत्पाद से असंबंधित इकाइयाँ पात्र नहीं हैं।

हाँ। नए व्यवसायों के साथ-साथ मौजूदा इकाइयाँ भी अपने व्यवसाय के विस्तार या विविधीकरण के लिए आवेदन कर सकती हैं।

हाँ। दो वर्षों तक सफल व्यवसाय संचालन, ऋण में चूक न होने और DIC व बैंक के संयुक्त निरीक्षण के बाद मार्जिन मनी अनुदान बन जाती है। तब तक यह TDR के रूप में रहती है।

हाँ। नए लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत होने के बाद कम से कम एक सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। पहले से प्रशिक्षित लाभार्थियों को इससे छूट मिल सकती है।

यदि आवेदक जानबूझकर ऋण राशि का दुरुपयोग करता है, तो बैंक मार्जिन मनी की राशि DIC को वापस कर देता है और लाभार्थी योजना का लाभ खो सकता है।

बैंक द्वारा ऋण की पहली किस्त जारी करने के सात दिनों के भीतर मार्जिन मनी का दावा प्रस्तुत किया जाता है। दावा प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर DIC प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से मार्जिन मनी जारी करता है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
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योजना का प्रकार सरकार

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